बर्थ डे स्पेशल : बिग बींचे डायलॉग, जे आजही जिवंत आहेत
जंजीर डॉयलॉगः 'जब तक बैठने को ना कहा जाए शराफत से खड़े रहो, ये पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं'
शराबी डॉयलॉगः गोवर्धन सेठ, 'समुंदर में तैरने वाले, किसी और तालाब में डुबकी नहीं लगाया करते हैं' डॉयलॉगः 'जिगर का दर्द ऊपर से कहीं मालूम होता है(?), जिगर का दर्द ऊपरसे नहीं मालूम होता है' डॉयलॉगः 'मूछें हों तो नत्थूलाल जैसी हों, वरना ना हों'
शहंशाह डॉयलॉगः 'रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप होते हैं, नाम है शहंशाह'
काला पत्थर डॉयलॉगः 'ये कोयले की खान एक अजगर है सेठ साहब, जो रोज, अनगिनत लोगों को निगलकर, उसे पीसकर, जिस्म से खून का एक-एक कतरा चूस कर एक लाश के रूप में उगल देता है'
दीवार डॉयलॉगः 'आज मेरे पास गाड़ी है, बंगला है, बैंक बैलेंस है तुम्हारे पास क्या है?' सिनेमातील पुढच्या सीनमध्ये शशी कपूर म्हणतात, 'मेरे पास मां है' डॉयलॉगः 'सपने भी समुदर की लहरों की तरह, हकीकत की चट्टानों से टकरा कर टूट जाते हैं'
बिग बी अमिताभ बच्चन यांचा आज 75 वा वाढदिवस आहे. बॉलिवूड सिनेमांमध्ये बिग बींच्या सिनेमातील असे काही डायलॉग आहेत, जे आजही जिवंत आहेत आणि प्रेक्षकांना तोंडपाठ आहेत. बिग बींच्या वाढदिवसानिमित्त त्यांचे काही खास डायलॉग..
अमर अकबर अँथोनी डॉयलॉगः 'ऐसा तो आदमी दोइच्च टाइम भागता है. ओलंपिक की रेस हो या पुलिस का केस. तुम किसलिए भागता है भाई'